भारत में 2 लाख छात्रों को क्लाउड और AI तकनीक की ट्रेनिंग देने की ओरैकल की योजना

13जून
भारत में 2 लाख छात्रों को क्लाउड और AI तकनीक की ट्रेनिंग देने की ओरैकल की योजना

ओरैकल का भारतीय छात्रों के लिए बड़ा कदम

ग्लोबल सॉफ्टवेयर दिग्गज ओरैकल ने हाल ही में घोषणा की है कि वह भारत के 2 लाख छात्रों को नवीनतम और उभरती तकनीकों जैसे कि क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, और ब्लॉकचेन में प्रशिक्षित करेगा। यह कार्यक्रम तमिलनाडु स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (TNSDC) के सहयोग से लॉन्च किया गया है। यह पहल राज्य के कौशल वृद्धि कार्यक्रम 'नान मुधलवन' का हिस्सा है।

मिशन और उद्देश्य

इस पहल का मुख्य लक्ष्य छात्रों और पेशेवरों को क्लाउड कंप्यूटिंग में मजबूत नींव प्रदान करना और अन्य कोर अवधारणाओं की बेहतर समझ तैयार करना है। तमिलनाडु के कौशल विकास के कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक करने और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करने की योजना है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अपनी शिक्षा ऑन-कैंपस निर्देशों और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल्स के माध्यम से प्राप्त होगी। ओरैकल की ऑन-डिमांड प्लेटफॉर्म 'Oracle MyLearn' का उपयोग इन डिजिटल मॉड्यूल्स के लिए किया जाएगा। शिक्षकों और अकादमियों द्वारा सीधे प्रशिक्षण के साथ-साथ यह डिजिटल मॉड्यूल्स छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

ओरैकल प्रमाणपत्र

ओरैकल के प्रमाणपत्र को उद्योग के मानक के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो प्रतिभागियों के नौकरी की संभावनाओं और स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह प्रमाणपत्र छात्रों को वैश्विक उद्योग मानकों के अनुरूप कौशल सिखाने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगा।

अब तक, तमिलनाडु में 900 से अधिक कॉलेजों के 60,000 से अधिक छात्र इस कार्यक्रम के लिए पंजीकृत हो चुके हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह संख्या और भी बढ़ेगी और अधिक छात्र इस अवसर का लाभ उठा पाएंगे।

प्रमुख व्यक्तित्व

इस पहल से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों में J. Innocent Divya, जो कि TNSDC के MD हैं, और शैलेन्द्र कुमार, जो ओरैकल इंडिया और NetSuite JAPAC के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और रीजनल MD हैं, शामिल हैं। इन दोनों ने इस पहल की सफलता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसे छात्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

क्लाउड और AI तकनीक में भारत का भविष्य

क्लाउड और AI तकनीक में भारत का भविष्य

आगे देखते हुए, इस तरह की पहल भारतीय छात्रों को नवीनतम तकनीकों का व्यवहारिक ज्ञान देने और उन्हें भविष्य की नौकरी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डेटा साइंस जैसी तकनीकें तेजी से बदलते व्यापारिक और तकनीकी परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह प्रशिक्षण पहल छात्रों को इन नवाचारों के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने में मददगार साबित हो सकती है।

इस प्रकार की सहयोगी योजनाएँ न केवल छात्रों के ज्ञान और कौशल को निखारने में मदद करती हैं, बल्कि वे उन्हें बाहरी दुनिया में बढ़ती प्रतियोगिता में भी सफलतापूर्वक सामना करने के लिए तैयार करती हैं।

संक्षेप में, ओरैकल और TNSDC का यह प्रयास भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है, जो न केवल उन्हें वर्तमान तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाएगा, बल्कि उनके करियर को भी नई दिशा में मोड़ने में मदद करेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निस्संदेह युवाओं को संभावनाओं की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।

टिप्पणि

Preyash Pandya
Preyash Pandya

ये सब बकवास है भाई! ओरैकल क्या करेगा? अपने डेटा चुराने के लिए छात्रों को ट्रेन करेगा? 😏 जब तक सरकार इंटरनेट और बिजली नहीं ठीक करती, तब तक ये सब फैंटेसी है। #CloudScam

जून 15, 2024 at 09:42

Raghav Suri
Raghav Suri

ये बहुत अच्छी बात है वाकई। मैंने अपने भाई को इस प्रोग्राम में रजिस्टर कराया है और वो बहुत खुश है। Oracle MyLearn प्लेटफॉर्म बहुत यूजर फ्रेंडली है और मॉड्यूल्स बहुत क्लियर हैं। बस इतना ध्यान रखना है कि कॉलेज इसे अपनाएं और छात्रों को असली प्रैक्टिस दें। अगर ये सब अच्छे से चला तो भारत का टेक सेक्टर अगले 5 साल में दुनिया का नंबर 1 हो जाएगा 💪

जून 15, 2024 at 18:06

Priyanka R
Priyanka R

ओरैकल ये सब तो अमेरिका के लिए बनाया है... यहां तो बिजली बंद हो जाती है तो लैपटॉप बंद हो जाता है। ये सब बस एक बड़ा फ्रॉड है जिसमें डेटा चुराया जा रहा है। तुम्हारे फोन पर भी ट्रैकर हैं ना? 😈

जून 16, 2024 at 15:11

Rakesh Varpe
Rakesh Varpe

यह पहल अच्छी है। अगर इम्प्लीमेंटेशन सही हो तो भारतीय युवाओं के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

जून 16, 2024 at 16:49

Girish Sarda
Girish Sarda

मुझे लगता है ये बहुत जरूरी है क्योंकि जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बदल रही है हमें भी उसके साथ बदलना होगा। मैंने खुद एक ऑनलाइन AI कोर्स किया था और वो बहुत अच्छा रहा। अगर ये प्रोग्राम वैसा ही हो तो बहुत बढ़िया होगा

जून 18, 2024 at 09:27

Garv Saxena
Garv Saxena

अरे भाई ये सब क्या है? एक कंपनी जो अपने सर्वर्स पर 100000 डॉलर कमाती है वो भारतीय छात्रों को ट्रेन करेगी? ये तो बस एक लॉन्ग टर्म इंगेजमेंट स्ट्रैटेजी है। एक दिन ये छात्र नौकरी के लिए उसी कंपनी में जाएंगे और उनकी वैल्यू बनेगी। इंसान बनने के बजाय एक एल्गोरिदम बनने का नाम ये है। 🤖

जून 20, 2024 at 04:41

Rajesh Khanna
Rajesh Khanna

वाह ये बहुत अच्छा है! भारत के युवाओं के लिए ऐसे अवसर बहुत कम हैं। ये प्रोग्राम उन्हें दुनिया के टॉप टेक स्किल्स से जोड़ेगा। जल्दी से और ज्यादा कॉलेजों को इसमें शामिल करो! 🙌

जून 20, 2024 at 07:51

Sinu Borah
Sinu Borah

अरे ये सब तो पहले से हुआ है। जब मैं पढ़ता था तो नेटस्केप ने भी ऐसा ही किया था। अब कोई उसका नाम भी नहीं लेता। ये सब बस एक फैशन है। क्लाउड आज कल का ट्रेंड है, कल फिर कुछ और हो जाएगा। छात्रों को असली बातें सिखाओ ना कि नाम के लिए ट्रेनिंग।

जून 20, 2024 at 19:59

Sujit Yadav
Sujit Yadav

ये ट्रेनिंग तो बस एक ब्रांडिंग एक्सरसाइज है। Oracle के प्रमाणपत्र की वैल्यू क्या है? अगर तुम्हारे पास एक IIT डिग्री नहीं है तो ये प्रमाणपत्र तुम्हारे लिए कोई फर्क नहीं डालेगा। ये सब एक फैक्टिटी लाइफ है जो गरीब छात्रों को झूठी उम्मीदें देती है। असली टेक्नोलॉजी तो अमेरिका में बनती है, यहां बस उसका इस्तेमाल किया जाता है।

जून 21, 2024 at 12:49

Kairavi Behera
Kairavi Behera

मैं इस प्रोग्राम के बारे में बहुत खुश हूँ। मैंने खुद कई छात्रों को ऑनलाइन ट्यूटरिंग दी है और उन्हें बहुत फायदा हुआ। अगर ये डिजिटल मॉड्यूल्स अच्छे हैं तो ये बहुत बड़ा कदम है। बस ध्यान रखना है कि छात्रों को प्रैक्टिस के लिए लैपटॉप और इंटरनेट मिले। वरना ये सब बस एक फोटो शूट हो जाएगा।

जून 21, 2024 at 14:24

Aakash Parekh
Aakash Parekh

अच्छा है। लेकिन ज्यादा उत्साह नहीं। कितने छात्र असल में इसे पूरा कर पाएंगे? ज्यादातर तो बस एक प्रमाणपत्र लेकर भूल जाएंगे।

जून 22, 2024 at 20:25

Sagar Bhagwat
Sagar Bhagwat

अरे भाई ये तो बहुत अच्छा है! मैंने भी एक बार Oracle का कोर्स किया था, बहुत अच्छा लगा। लेकिन ये तो बस शुरुआत है। अब देखना है कि ये कॉलेज इसे अपनाते हैं या नहीं। बस एक बात याद रखो - टेक्नोलॉजी से ज्यादा जरूरी है आत्मविश्वास। 😎

जून 22, 2024 at 22:22

Jitender Rautela
Jitender Rautela

ये सब बकवास है। अगर तुम्हारे पास इंटरनेट नहीं है तो ये प्रोग्राम तुम्हारे लिए क्या करेगा? ये सब तो शहरी छात्रों के लिए है। गांवों में तो बिजली नहीं है। ये सब बस एक बड़ा धोखा है।

जून 23, 2024 at 22:34

abhishek sharma
abhishek sharma

अरे ये सब तो पहले भी हुआ है। 2018 में भी एक ऐसा ही प्रोग्राम चला था। किसी ने भी नहीं देखा। अब फिर से शुरू कर रहे हैं। लोगों को भूल गए हैं। अगर ये सच में अच्छा है तो पहले उसका रिजल्ट दिखाओ। नहीं तो ये बस एक बड़ा PR ट्रिक है।

जून 25, 2024 at 01:00

Surender Sharma
Surender Sharma

oracle mylearn? yeh kya hai? maine suna hi nahi. aur 2 lakh students? bhai yeh toh sirf 10000 students ke liye hi hoga. baaki sab fake hai. aur phir bhi yeh sab kuchh ek din mein khatam ho jayega. #fakeprogram

जून 26, 2024 at 16:52

Divya Tiwari
Divya Tiwari

हमारे देश में जब तक अपनी खुद की टेक्नोलॉजी नहीं बनाएंगे, तब तक विदेशी कंपनियां हमारे युवाओं को अपने लिए बनाएंगी। ये सब एक नया उपनिषद है जिसमें हमारी आत्मा को बेच रहे हैं। हम अपने बच्चों को नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश के लिए तैयार करें। अमेरिका ने हमें अपना डेटा देने के लिए बोला, हमने अपने छात्रों को दे दिया। ये देशभक्ति का विरोध है। 🇮🇳

जून 27, 2024 at 17:08

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