भारत के शीर्ष शिक्षा संस्थानों की सूची जारी
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2024 की रैंकिंग देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। इस रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने लगातार छठे वर्ष शीर्ष स्थान पर अपनी मुहर लगाई है। वहीं भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु को सबसे अच्छा विश्वविद्यालय चुना गया है। इसके अलावा, दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) भी शीर्ष रैंकिंग में स्थान प्राप्त किया।
इंजीनियरिंग क्षेत्र में शीर्ष संस्थान
इंजीनियरिंग श्रेणी में IIT मद्रास सबसे आगे है। इसके बाद IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT कानपुर, IIT खड़गपुर, IIT रुड़की, और IIT गुवाहाटी ने अपनी-अपनी स्थिति मजबूत की है। ये संस्थान अपने उच्च शिक्षण, अनुसंधान विकास और अन्य कई मापदंडों के लिए जाने जाते हैं।
प्रबंधन श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ
प्रबंधन श्रेणी में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) अहमदाबाद ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके बाद IIM बेंगलुरु और IIM कोझिकोड का नाम आता है। ये संस्थान प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्टता के प्रतीक हैं और इन्हें देश और विदेश से प्रशंसा मिली है।
चिकित्सा क्षेत्र में AIIMS का जलवा
चिकित्सा श्रेणी में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), दिल्ली ने पहला स्थान प्राप्त किया है। यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विख्यात है।
देश का शीर्ष कॉलेज
दिल्ली विश्वविद्यालय का हिंदू कॉलेज देश का सर्वोत्तम कॉलेज चुना गया है। यह कॉलेज अपनी शैक्षणिक मानकों और सांस्कृतिक योगदान के लिए प्रसिद्ध है।
NIRF के मापदंड
NIRF रैंकिंग का मूल्यांकन कई मापदंडों पर किया जाता है जिसमें शिक्षण, सीखने और संसाधन, अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास, स्नातक परिणाम, आउटरीच और समावेशिता और धारणा शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह पहल उच्च शिक्षा संस्थानों को एक छत्र के नीचे लाने और विभिन्न मापदंडों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करने के लिए की गई है।
इन रैंकिंग्स का उद्देश्य है कि संस्थान सही दिशा में आगे बढ़ें और छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और संसाधन प्राप्त हों। इसके साथ ही यह रैंकिंग संस्थानों को अपने प्रदर्शन को सुधारने और अपने छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने हेतु प्रेरित करती है।
इस वर्ष के NIRF रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत के संस्थान विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह रैंकिंग न केवल छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण होती है बल्कि समाज में भी शिक्षा की गुणवत्ता को कायम रखने में सहायक सिद्ध होती है।
टिप्पणि
Rohan singh
ये NIRF रैंकिंग तो हर साल वही नाम दिखाती है लेकिन असली बात तो ये है कि छोटे शहरों के कॉलेज कितने अकेले पड़े हैं। इनकी तो कोई नहीं देखता।
अगस्त 13, 2024 at 14:26
Karan Chadda
IIT मद्रास को फिर से नंबर 1? अरे भाई ये सब राजनीति है। हमारे देश में तो AIIMS और IISc को ही सबसे बड़ा मानना चाहिए। 😤🇮🇳
अगस्त 14, 2024 at 04:09
Shivani Sinha
kya bhai yeh sab ranking toh bas paper pe hi chalti hai... real life me toh koi bhi IIT ka student nahi banta agar uske paas paise nahi hai 😒
अगस्त 15, 2024 at 07:12
Tarun Gurung
बहुत अच्छी रैंकिंग है लेकिन एक बात जो लोग भूल जाते हैं - ये सब इंस्टीट्यूट्स अपने छात्रों के लिए नहीं, बल्कि अपने रिसर्च फंड्स के लिए बने हैं। हमें उन छोटे कॉलेजों को भी ध्यान देना चाहिए जहां बच्चे अपने सपने पूरे कर रहे हैं। जिनके पास लैपटॉप नहीं, बस एक पुरानी किताब और एक दिमाग है। 🌱
अगस्त 16, 2024 at 16:59
Rutuja Ghule
हिंदू कॉलेज नंबर वन? ये तो बस एक दिल्ली का एलिटिस्ट क्लब है। बाकी भारत के छात्रों के लिए ये रैंकिंग एक झूठ है। किसी ने इसे असली तौर पर जांचा भी है क्या?
अगस्त 18, 2024 at 09:54
vamsi Pandala
IIM अहमदाबाद को नंबर 1 दिया? बस एक बार उनके एल्मुम्नीज़ की नौकरियां देख लो... सब अमेरिका भाग रहे हैं। हमारा देश बस अपने खुद के बच्चों को बेच रहा है। 😭
अगस्त 20, 2024 at 03:17
nasser moafi
IIT मद्रास को नंबर 1? बस ये लोग अपने रिसर्च पेपर्स में अंग्रेजी में लिख देते हैं और दुनिया उन्हें टॉप बना देती है। हमारे गांव के बच्चे जो हिंदी में इंजीनियरिंग सीखते हैं, उनकी कोई रैंकिंग नहीं है। 😂🇮🇳
अगस्त 21, 2024 at 03:30
Saravanan Thirumoorthy
AIIMS दिल्ली को नंबर 1 देना ठीक है पर देखो उसके बाहर के AIIMS कैसे बर्बाद हैं बिना बिजली के बिना डॉक्टर के बिना दवाओं के और लोग अभी भी इसे शीर्ष कह रहे हैं
अगस्त 21, 2024 at 12:31
Tejas Shreshth
ये सब रैंकिंग तो बस एक विश्वविद्यालयी अभिजात वर्ग का खेल है। जिन्होंने अपने पिता के नाम से एमबीए किया, वो अब इसे 'एक्सेलेंस' कह रहे हैं। वास्तविकता क्या है? एक लाख छात्र बेकार हैं और ये लोग अपने गैर-सामाजिक नेटवर्क को बढ़ा रहे हैं।
अगस्त 22, 2024 at 00:57
Hitendra Singh Kushwah
IITs के बारे में बहुत बात होती है पर किसी ने भी नहीं पूछा कि इनमें से कितने छात्र वास्तव में नौकरी के लिए तैयार हैं? ज्यादातर तो गूगल और एमएसएफ के लिए तैयार होते हैं। भारत के लिए कुछ नहीं करते।
अगस्त 23, 2024 at 02:03
sarika bhardwaj
NIRF के मापदंड में 'धारणा' शामिल है? ये तो बस एक रिपोर्टिंग बायस है। जिन छात्रों के पास नेटवर्क है, उनकी ही रैंकिंग ऊपर जाती है। ये तो एक बुरा फैक्टर है।
अगस्त 23, 2024 at 23:55
Dr Vijay Raghavan
IIMs और IITs को टॉप पर रखना बिल्कुल ठीक है लेकिन ये बात भूल जाते हैं कि देश के 80% छात्र इनके बाहर पढ़ते हैं। उनकी शिक्षा का मूल्यांकन कैसे हो रहा है? कोई नहीं जानता।
अगस्त 24, 2024 at 08:14
Partha Roy
मैंने देखा है IIT के एक छात्र ने अपने प्रोजेक्ट को अमेरिका में बेच दिया और भारत में बस एक छोटा सा फैक्ट्री चलाया। ये रैंकिंग तो बस बाहरी छाप दिखाती है। असली देश कोई नहीं देखता।
अगस्त 24, 2024 at 14:35
Kamlesh Dhakad
बहुत अच्छा लगा कि JNU और JMI भी शीर्ष में हैं। ये तो बहुत बड़ी बात है। अगर हम अपने देश की विविधता को समझना चाहते हैं तो इन्हें भी शीर्ष पर रखना जरूरी है।
अगस्त 25, 2024 at 17:52
ADI Homes
मैंने एक छोटे शहर के कॉलेज में पढ़ा था। कोई रैंकिंग नहीं थी, कोई लैब नहीं थी, लेकिन हमारे प्रोफेसर रात भर बैठकर हमें पढ़ाते थे। इन रैंकिंग्स में ऐसी चीजों का कोई वजूद नहीं।
अगस्त 27, 2024 at 04:24
Hemant Kumar
मैंने देखा है कि कुछ कॉलेज जहां बच्चे खुद बनाते हैं लैब और प्रोजेक्ट, वहां रैंकिंग नहीं है। लेकिन वो बच्चे आज अपने खुद के स्टार्टअप चला रहे हैं। रैंकिंग बस बाहरी नज़रों की बात है।
अगस्त 27, 2024 at 11:24
NEEL Saraf
हिंदू कॉलेज को शीर्ष कॉलेज चुनना बहुत अच्छा है... लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि एक लड़की जो बिहार के गांव से आई है, उसके लिए ये कॉलेज कितना असंभव है? रैंकिंग तो बस एक नकली आईना है।
अगस्त 28, 2024 at 20:14
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