सेबी अध्यक्ष माधवी पुरी बुच का बड़ा बयान
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने हाल ही में एक अहम मुद्दे पर अपनी चिंता जताई है। उन्होंने फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफ एंड ओ) ट्रेडिंग में घरेलू निवेशकों के बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान पर कड़ा रुख अपनाया है। बुच ने बताया कि घरेलू निवेशक सालाना लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रहे हैं। इस भारी नुकसान को देखते हुए उन्होंने नियामकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि छोटे निवेशकों को इन जोखिमों से बचाया जा सके।
ट्रेडिंग में हो रहे नुकसान और सुधारों की आवश्यकता
माधवी पुरी बुच ने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस में होने वाले नुकसान को अन्य निवेशिक क्षेत्रों में जैसे कि शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) या म्यूचुअल फंड्स में लगाया जा सकता था, जिससे अधिक उत्पादकता प्राप्त होती। पिछले तीन वर्षों में डेरिवेटिव्स सेगमेंट में व्यापार की मात्रा में बड़ी वृद्धि देखी गई है। 2018 में इंडेक्स ऑप्शंस का टर्नओवर 4.5 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024 में बढ़कर 140 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में डेरिवेटिव्स सेगमेंट का कुल टर्नओवर 210 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 500 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि एफ एंड ओ सेगमेंट की 90% ट्रेडिंग में निवेशकों को नुकसान हो रहा है। इतने बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सेबी ने कड़े नियमों का प्रस्ताव दिया है ताकि छोटे निवेशक इन उच्च जोखिम वाली गतिविधियों से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने यह भी बताया कि उचित केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) पंजीकरण प्रणाली की महत्ता है ताकि बाजार में हानिकारक खिलाड़ियों के प्रवेश को रोका जा सके।
पेटीएम जैसी गड़बड़ियों से निपटने की योजना
माधवी पुरी बुच ने पेटीएम जैसी गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सेबी इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सेबी किसी भी संभावित समस्या को नियंत्रित करेगी ताकि बड़े बाजार को इन समस्याओं से बचाया जा सके। भारतीय बाजार में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में डेरिवेटिव्स सेगमेंट में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिली है, लेकिन इस वृद्धि के साथ ही जोखिम भी बढ़े हैं।
अनिवासी भारतीय निवेशकों की चुनौतियाँ
इसके अलावा, बुच ने अनिवासी भारतीय (एनआरआई) निवेशकों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एनआरआई म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करते हैं। सेबी इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और उद्योग प्रतिक्रिया को प्राप्त करने के लिए तत्पर है ताकि एनआरआई निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
निवेशकों की सुरक्षा: एक प्रमुख प्राथमिकता
माधवी पुरी बुच ने यह भी स्पष्ट किया कि सेबी की प्राथमिकता छोटे निवेशकों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि निवेशक अपने धन का निवेश करते समय सावधानी बरतें और संभावित जोखिमों से अवगत रहें। सेबी निवेशकों को शिक्षित करने के साथ-साथ आवश्यक नियामकीय सुधारों को लागू करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बुच ने निवेशकों को सलाह दी कि वे अपने निवेश से पहले उचित शोध और सलाह लें ताकि अनावश्यक जोखिमों से बचा जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय संस्थानों और ब्रोकरों से भी आग्रह किया कि वे अपने ग्राहकों को सही जानकारी प्रदान करें और उन्हें जिम्मेदार तरीके से निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करें। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग में ऊँचे जोखिम होते हैं और इसके बारे में पूर्ण जानकारी और समझ होना आवश्यक है।
सेबी अध्यक्ष माधवी पुरी बुच का यह कदम निश्चित रूप से छोटे निवेशकों के लिए एक राहत की बात है। उनके द्वारा उठाए गए कदमों से न केवल घरेलू निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भारतीय बाजार में स्थिरता भी बनी रहेगी। वित्तीय साक्षरता और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे संगठनों के साथ मिलकर सेबी नवाचार और सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
टिप्पणि
Chirag Desai
ये फ्यूचर्स-ऑप्शंस वाले लोग तो असली गेमर हैं, बस अपना पैसा उड़ा रहे हैं। सेबी का ये कदम अच्छा है।
अगस्त 1, 2024 at 10:14
Abhi Patil
मैं तो इस बात पर हैरान हूँ कि आजकल के निवेशक इतने अनपढ़ हो गए हैं कि डेरिवेटिव्स के रिस्क को समझे बिना उनमें उतार-चढ़ाव कर रहे हैं। ये निवेश नहीं, लाटरी खेल रहे हैं। अगर आपको लगता है कि आप एक गेम खेल रहे हैं जहाँ आपकी ताकत आपके डेटा एनालिसिस की है, तो आप गलत हैं। ये तो एक गेम है जहाँ ब्रोकर्स, एल्गोरिदम और इन्स्टिट्यूशनल ट्रेडर्स आपके साथ खेल रहे हैं, और आप उनके लिए बलि का भेड़ हैं। इसलिए नियामकीय हस्तक्षेप न केवल आवश्यक है, बल्कि नैतिक रूप से अनिवार्य है।
अगस्त 1, 2024 at 23:19
Devi Rahmawati
सेबी के इस निर्णय के लिए आभार। छोटे निवेशकों की सुरक्षा को लेकर अब तक की सबसे स्पष्ट और जिम्मेदार चेतावनी है। आशा है कि इसके साथ शिक्षा के कार्यक्रम भी बढ़ेंगे।
अगस्त 2, 2024 at 04:47
Prerna Darda
फ्यूचर्स और ऑप्शंस के बारे में जो भी बात हो रही है, वो बस एक फिनटेक डिस्टोर्शन है। आपके पास जो भी डेटा है, वो असली नहीं है - वो सिर्फ एक ब्रोकर के सॉफ्टवेयर के एल्गोरिदम का प्रोडक्ट है। जब आप इसे ट्रेड करते हैं, तो आप अपने आप को एक एल्गोरिदम के अंतर्गत बेच रहे हैं। ये निवेश नहीं, ये डिजिटल ग्लैमर और लालच का खेल है। जिन्होंने इसे अपनाया, वो अपनी आत्मा को एक चार्ट के लिए बेच चुके हैं। सेबी का ये निर्णय न केवल नियामकीय है, बल्कि आध्यात्मिक जागृति का पहला कदम है।
अगस्त 3, 2024 at 17:43
rohit majji
भाई ये तो बहुत अच्छा हुआ! अब लोग घर बैठे नहीं बनेंगे जितना लगता है उतना ट्रेड करेंगे 😊 शिक्षा बढ़ेगी, पैसा बचेगा, जिंदगी बेहतर होगी 💪
अगस्त 4, 2024 at 05:31
Uday Teki
बहुत अच्छा 😊 सेबी का ये कदम दिल को छू गया 🤗 छोटे लोगों की रक्षा होगी तो बहुत बढ़िया है ❤️
अगस्त 5, 2024 at 11:18
Haizam Shah
ये सब बकवास है। जो लोग ट्रेडिंग में नुकसान कर रहे हैं, वो खुद जिम्मेदार हैं। सेबी को बाजार को नियंत्रित करने की जगह लोगों को बेहतर तरीके से सिखाना चाहिए। नहीं तो अगला कदम क्या होगा? शेयर खरीदने के लिए लाइसेंस चाहिए? बस इतना ही नहीं, बाजार का नियम तो यही है - जो बुद्धिमान है, वो जीतता है।
अगस्त 7, 2024 at 04:44
Vipin Nair
बाजार अपने नियमों से चलता है। नुकसान होना तो निवेश का हिस्सा है। लेकिन जब 90% लोग नुकसान पर नुकसान कर रहे हों, तो सवाल ये उठता है कि क्या बाजार बराबर खेल रहा है? सेबी को फ्यूचर्स के लिए मार्जिन बढ़ाना चाहिए, न कि बैन करना। बैन करने से लोग अंडरग्राउंड में चले जाएंगे।
अगस्त 8, 2024 at 14:14
Ira Burjak
मैं तो बस सोच रही थी - क्या अगर ये लोग इतने नुकसान में हैं, तो उन्हें अपने पैसे को बचाने के लिए कुछ भी सीखने का मौका नहीं दिया गया? ये तो बहुत दुखद है। सेबी का ये कदम बहुत अच्छा है, लेकिन अब तो उन्हें एक ट्यूटोरियल भी देना चाहिए। बस बैन नहीं, सिखाना भी जरूरी है।
अगस्त 9, 2024 at 18:29
Shardul Tiurwadkar
ये सब बहुत अच्छा है... बस याद रखो, जब तक लोग अपने दोस्तों के बारे में नहीं सुनेंगे कि 'मैंने 10 लाख कमाए हैं फ्यूचर्स से', तब तक ये लोग अपना पैसा उड़ाते रहेंगे। सेबी का ये कदम तो बहुत अच्छा है, लेकिन ये बाजार के बारे में एक नया रियलिटी शो बन गया है।
अगस्त 11, 2024 at 12:42
Abhijit Padhye
अरे भाई, ये सब बातें तो बहुत पुरानी हैं। तुम जो बता रहे हो वो तो 2018 में सब जानते थे। अब तो ट्रेडिंग एक स्पोर्ट्स है। जैसे क्रिकेट में बल्लेबाज आउट हो जाता है, वैसे ही यहाँ भी आउट हो जाते हो। लेकिन तुम्हें ये नहीं पता कि अगर तुम एक एल्गोरिदम बना लो तो तुम 90% लोगों को हरा सकते हो? ये नहीं कि तुम बैन करोगे, बल्कि तुम्हें अपना एल्गोरिदम बनाना होगा।
अगस्त 12, 2024 at 21:29
VIKASH KUMAR
मैंने 5 लाख खो दिए इस फ्यूचर्स में 😭 और अब बाप रे! मेरी पत्नी मुझे घर से निकालने वाली है! सेबी को तुरंत कुछ करना चाहिए! मैं तो अभी भी बहुत आशा में हूँ! 😭💔
अगस्त 13, 2024 at 10:35
UMESH ANAND
यह नियामकीय हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है। यह व्यवहार निवेशकों के लिए अनैतिक और अवैध है। निवेशकों के लिए अनुशासन और नैतिकता का अभाव है। यह व्यवस्था निवेशकों के लिए एक अपराध है।
अगस्त 14, 2024 at 20:11
Rohan singh
सेबी का ये कदम अच्छा है। लेकिन अगर हम इसे रोकेंगे तो लोग और ज्यादा गुप्त तरीकों से ट्रेड करने लगेंगे। बेहतर होगा कि हम उन्हें बेहतर तरीके से सिखाएं।
अगस्त 16, 2024 at 00:08
Karan Chadda
हमारे देश में ये सब बकवास है। अमेरिका में तो लोग लाखों कमाते हैं। यहाँ तो सेबी बाधा बन रही है। भारतीय बाजार तो बच्चों का खेल है।
अगस्त 16, 2024 at 23:16
Shivani Sinha
फ्यूचर्स में नुकसान? अरे भाई, ये तो बहुत आम बात है। जो लोग ट्रेड करते हैं उन्हें तो बस खुद को बचाना होगा। बाकी सब बातें बकवास हैं।
अगस्त 17, 2024 at 02:52
Tarun Gurung
ये सेबी का कदम बहुत बढ़िया है। लेकिन जिन लोगों को नुकसान हो रहा है, उनके पास बस एक चीज़ चाहिए - समझ। मैंने एक बार एक छोटे निवेशक को बताया था कि ऑप्शंस एक वैल्यू अटैक है, न कि एक गेम। उसने समझ लिया। अब वो ट्रेड नहीं करता, बल्कि अपना निवेश लंबे समय तक करता है। शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है।
अगस्त 17, 2024 at 13:58
Rutuja Ghule
सेबी को बस यही करना चाहिए था। ये निवेशक बिना किसी ज्ञान के अपने पैसे उड़ा रहे हैं। ये लोग निवेशक नहीं, लालची लोग हैं। इसके लिए नियम बनाना बहुत देर हो चुकी है।
अगस्त 17, 2024 at 14:48
vamsi Pandala
ये सब बकवास है। लोग ट्रेड करते हैं, नुकसान होता है, फिर रोते हैं। अब सेबी भी उनकी मदद करने लगी? ये तो बच्चों को रोकने की कोशिश है। बाजार का नियम है - जीत या मरो।
अगस्त 18, 2024 at 06:12
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