Zomato की इंटरसिटी लेजेंड्स सेवा बंद: मार्केट फिट की कमी के कारण दो साल बाद निर्णय
भारतीय फूड डिलीवरी जायंट Zomato ने अपनी लोकप्रिय 'लेजेंड्स' सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। यह सेवा 10 अलग-अलग शहरों के प्रतिष्ठित भोजन को पूरे भारत में ग्राहकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने एक पोस्ट में इस निर्णय के पीछे के कारणों को साझा किया।
डेढ़ साल की यात्रा का समापन
लेजेंड्स सेवा को पहली बार 2022 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य था कि देशभर के ग्राहकों को विभिन्न शहरों के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिले। इसमें दिल्ली के मशहूर छोले भटूरे से लेकर कोलकाता की रसगुल्लों तक सभी चीजें शामिल थीं। हालांकि, दो साल की कवायद के बाद, कंपनी को यह समझ में आया कि यह सेवा ग्राहकों के लिए उतनी सुविधाजनक या लाभप्रद नहीं है जितनी उन्होंने सोची थीं।
व्यावसायिक चुनौतियाँ
लेजेंड्स सेवा की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक इसकी वित्तीय मॉडल थी। शुरुआत में इसमें कोई न्यूनतम ऑर्डर राशि नहीं थी, लेकिन जल्द ही कंपनी ने 5,000 रुपये के न्यूनतम ऑर्डर की सीमा लगाई ताकि यह मॉडल लाभप्रद बन सके। फिर भी यह कदम भी बहुत ज्यादा कारगर साबित नहीं हो सका।
वितरण समय में सुधार की कोशिश
कंपनी ने इस साल अप्रैल में इस सेवा को अस्थायी रूप से रोककर जुलाई 2024 में फिर से शुरू किया और कई सुधार भी किए। इनमें से प्रमुख सुधार यह था कि प्री-स्टॉक्ड आइटम्स की डिलीवरी को शामिल किया गया, ताकि वितरण समय को कम किया जा सके। लेकिन यह सुधार भी ग्राहकों की मांगों को पूरा नहीं कर सका।
शहरों में फोकस
कंपनी के इस निर्णय का तात्पर्य है कि अब Zomato अपने फोकस को इंटरसिटी लेजेंड्स के बजाय शहरों के भीतर की फूड डिलीवरी सेवाओं पर केंद्रित करेगी। कई लोग इस निर्णय को कंपनी के नए बिज़नेस रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जो कि Zomato की हालिया वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित है।
वित्तीय प्रदर्शन
Zomato ने इस साल मार्च 2024 को समाप्त तिमाही में 175 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो उसके सकल ऑर्डर मूल्य (GOV) और तेज़ व्यापार बिज़नेस, Blinkit, में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ आया है। इन उपलब्धियों ने निवेशकों का विश्वास बखूबी जीत लिया है, और इस प्रक्रिया में दीपिंदर गोयल भी अरबपति बन गए, जो कि Zomato के शेयरों में उल्लेखनीय वृद्धि के बाद हुआ।
अब देखना होगा कि Zomato अपने शहरों के भीतर फूड डिलीवरी सेवाओं में कैसे और किस हद तक सुधार करता है। कुल मिलाकर, इस निर्णय का मकसद भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के बीच सही संतुलन बनाना है।
टिप्पणि
rohit majji
ye toh bas ek aur dream tha jo zomato ne tod diya 😅
अगस्त 24, 2024 at 10:13
Prerna Darda
लेजेंड्स का मॉडल था बिल्कुल बेकार - न डिलीवरी टाइम ठीक, न मार्जिन, न ही कस्टमर वैल्यू। इंटर-सिटी फूड डिलीवरी के लिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है भारत में। ये सिर्फ एक फैंसी प्रोडक्ट था जिसे बाजार ने रिजेक्ट कर दिया।
अगस्त 24, 2024 at 16:12
Uday Teki
मुझे तो लगता है ये बहुत अच्छा आइडिया था 😢 पर अभी तक भारत में ऐसी चीजें नहीं चलतीं जो थोड़ी अलग हों... उम्मीद है कि कोई और करेगा एक दिन 🤞
अगस्त 26, 2024 at 04:53
VIKASH KUMAR
अरे भाई ये तो ज़ोमैटो का नया बिज़नेस मॉडल है - पहले लोगों को जादू दिखाओ, फिर उनके दिल तोड़ दो 😭 अब तो लेजेंड्स के लिए भी गुस्सा आ रहा है!
अगस्त 26, 2024 at 19:52
Vipin Nair
लेजेंड्स का फेल होना एक सिस्टमिक फेलियर था। डिलीवरी इकोसिस्टम को एक्सपैंड करने के लिए डेटा ड्रिवन लॉजिस्टिक्स चाहिए था न कि एमोशनल वैल्यू प्रोपोजिशन। जो लोग लेजेंड्स को नोस्टैल्जिक ट्रिप मानते थे वो भूल गए कि बिज़नेस ड्रामा नहीं बल्कि डिस्क्रेपेंसी मैनेजमेंट है।
अगस्त 28, 2024 at 15:43
Ira Burjak
समझ आया कि इतना प्यार करने के बाद भी लोगों को बस अपने शहर के छोले भटूरे चाहिए 😌 अब जो लोग दिल्ली के छोले और कोलकाता की रसगुल्ला दोनों चाहते हैं... शायद अब ट्रेन बुक करनी पड़ेगी।
अगस्त 28, 2024 at 16:12
Abhijit Padhye
अगर ज़ोमैटो ने लेजेंड्स को बंद किया तो ये तो बहुत बड़ी बात है। मैंने तो सोचा था कि ये भारत का नया नेशनल डिश एक्सपीरियंस होगा। अब तो बस एक नया फूड ट्रेंड बन गया - फूड डिलीवरी के बाद गुस्सा करना।
अगस्त 30, 2024 at 01:57
Haizam Shah
लेजेंड्स बंद करना तो बहुत अच्छा फैसला है। इसके बजाय ब्लिंकिट को और एक्सपैंड करो। लोगों को रोज़ का खाना चाहिए न कि एक्सपेरिमेंटल फूड ट्रिप्स। ये जो लोग लेजेंड्स के लिए रो रहे हैं वो अपने बाप के घर का नाश्ता भूल गए हैं।
अगस्त 30, 2024 at 13:54
Rohan singh
अब जो लोग लेजेंड्स के लिए बेचैन हैं... शायद अब घर पर ही बना लो। बस एक छोले भटूरे के लिए 3 घंटे का वेट नहीं करना पड़ेगा। और अगर दिल्ली के छोले चाहिए तो उसी शहर में रहो। सरल बात है।
अगस्त 30, 2024 at 23:56
Karan Chadda
अरे ये तो ज़ोमैटो का असली बिज़नेस है - भारत के लोगों को बेवकूफ बनाना और फिर उनकी उम्मीदें तोड़ना। अब ब्लिंकिट पर जाओ, वहां तो बिस्कुट भी 15 मिनट में आ जाता है। लेजेंड्स? बस एक फेक नेशनल डिश था।
सितंबर 1, 2024 at 09:11
UMESH ANAND
महोदयों, इस निर्णय के प्रति मैं आपके विचारों के विपरीत अपनी अनुमति नहीं देता। यह एक व्यावसायिक असफलता का उदाहरण है, जिसे बाजार ने निष्कर्ष निकाला। कंपनी के निदेशक मंडल को इस अपराध के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सितंबर 1, 2024 at 21:46
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