27 नवंबर, 2025 को पर्थ स्टेडियम के तेज़ और तीखे मैदान पर शुरू होने वाली 2025-26 एशेज सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने अपनी टीमें घोषित कर दी हैं। यह सीरीज न केवल दो देशों के बीच पुराने रिश्ते का अगला अध्याय है, बल्कि इंग्लैंड के लिए एक ऐतिहासिक मौका भी है — पिछली बार 2023 में जब एशेज 2-2 से ड्रॉ हुई थी, तो ऑस्ट्रेलिया ने ट्रॉफी बरकरार रखी थी। अब इंग्लैंड के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत का सपना फिर से जीवित है।
टीमों का चयन: अनुभव और नवीनता का मिश्रण
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की कप्तानी स्टीव स्मिथ कर रहे हैं, जो अपने बल्लेबाजी के साथ न सिर्फ टीम को नेतृत्व देते हैं, बल्कि अक्सर टीम का आधार भी बनते हैं। इस बार की टीम में तेज़ गेंदबाजों मिशेल स्टार्क और जॉश हेजलवुड के साथ-साथ लेग-स्पिनर नाथन लायन भी शामिल हैं। अनुभवी बल्लेबाज मार्नस लैबुशाग्ने और उसमान खावाजा टीम के लिए स्थिरता का प्रतीक हैं। लेकिन यहाँ एक बड़ा अंतर है — पैट कमिंस की अनुपस्थिति। उनका न होना ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बड़ा खेल है।
दूसरी ओर, इंग्लैंड क्रिकेट टीम की कप्तानी टॉम हेन्स कर रहे हैं, जो अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम जाने जाते हैं। टीम में नए चेहरे जैसे सोनी बेकर और रेहान अहमद को शामिल किया गया है। बल्लेबाजी में ओली पोप ने टूर मैच में 100 रन बनाकर अपनी क्षमता का दावा किया है। वहीं, विकेटकीपर के रूप में इंग्लैंड ने तीन खिलाड़ियों — जॉर्डन कॉक्स, जेम्स रेव और थॉमस रेव — को नामित किया है, जो बताता है कि टीम को अलग-अलग मैदानों और गेंदबाजी के अनुकूल विकेटकीपर चुनने की आवश्यकता है।
मार्क वुड की वापसी: एक भावनात्मक जीत की उम्मीद
इंग्लैंड के लिए इस सीरीज का सबसे बड़ा खबर वह है जो बाहर नहीं बताई गई — मार्क वुड की वापसी। मार्च 2025 में घुटने की सर्जरी के बाद उन्होंने अभी तक कोई भी प्रतियोगी मैच नहीं खेला था। लेकिन पर्थ स्टेडियम में उनकी नेट बॉलिंग देखकर दर्शकों के दिल धड़क उठे। 40 मिनट तक वह धीरे-धीरे अपनी रनअप बढ़ा रहे थे, और अंत में एक तेज़, तीखी गेंदबाजी का दर्शन हुआ। उनके हैमस्ट्रिंग में कोई गंभीर समस्या नहीं निकली, और टीम अब उन्हें पहले टेस्ट में शामिल करने की योजना बना रही है।
जैसा कि जेम्स एंडरसन ने TNT स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में कहा — ‘ऑस्ट्रेलिया ने पिछले 10 सालों में अपनी टीम चुनने में इतनी स्थिरता दिखाई है कि शायद यह उनकी पिछले 15 सालों की सबसे कमजोर टीम है।’ उन्होंने और कहा, ‘टॉप तीन बल्लेबाजों के बारे में सवाल हैं। पैट कमिंस का गायब होना बड़ी बात है। इंग्लैंड के पास शुरुआत में ही इन दरारों को बढ़ाने का मौका है।’
बज़बॉल का असर: क्या ऑस्ट्रेलिया में भी काम करेगा?
पिछले कुछ सालों में इंग्लैंड की ‘बज़बॉल’ शैली — जिसमें जल्दी रन बनाने और गेंदबाजी को दबाने पर जोर दिया जाता है — ने दुनिया भर में तूफान मचा दिया। लेकिन क्या यह ऑस्ट्रेलिया के तेज़, लंबे और बरकरार मैदानों पर भी काम करेगा? द इंडिपेंडेंट के अनुसार, इस सवाल पर बहस जारी है। एक तरफ टीम ने तेज़ बल्लेबाजों को शामिल किया है, तो दूसरी ओर टीम में स्पिनर भी शामिल हैं। यह एक संकेत है कि वे अपनी रणनीति को मैच के अनुसार बदलने को तैयार हैं।
टूर मैचों में भी यह दिखा है। ओली पोप का 100 रन, बेन स्टोक्स के 6 विकेट, और एमिलियो गे का 79 रन — सब कुछ एक ऐसी टीम का संकेत देता है जो तैयार है।
क्या ऑस्ट्रेलिया अब भी अजेय है?
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह सीरीज एक अजीब तरह की चुनौती है। उनकी टीम अभी भी बहुत मजबूत लगती है — लेकिन एक अंतर है। पिछले 15 सालों में यह पहली बार है जब उनकी टीम में कोई वास्तविक कप्तान नहीं है। कमिंस का अनुपस्थित होना न सिर्फ बल्लेबाजी में खालीपन लाता है, बल्कि टीम के मानसिक तनाव को भी बढ़ाता है। और यही वह जगह है जहाँ इंग्लैंड को निशाना बनाना है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए नए खिलाड़ियों जैसे ह्यू वेबगेन और डग वॉरेन का शामिल होना एक नई ऊर्जा लाता है। लेकिन क्या ये नए चेहरे टेस्ट क्रिकेट के तनाव को संभाल पाएंगे? यही सवाल बन गया है।
अगला कदम: टेस्ट सीरीज का शुभारंभ
पहला टेस्ट 27 नवंबर, 2025 को पर्थ स्टेडियम में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट 5 दिसंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में होगा, जबकि तीसरा टेस्ट 13 दिसंबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। शेष दो टेस्ट के लिए अभी तक तारीखें और स्थान घोषित नहीं हुए हैं।
इंग्लैंड के लिए यह सीरीज बस एक जीत नहीं, बल्कि एक नई पहचान बनाने का मौका है। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह अपनी राजधानी की रक्षा करने का अवसर है। और जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, तो यह सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि इतिहास का एक नया अध्याय लिखा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025-26 एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की टीम में पैट कमिंस का न होना क्यों महत्वपूर्ण है?
पैट कमिंस ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अनुभवी कप्तान और टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं। उनकी अनुपस्थिति टीम के लिए न सिर्फ बल्लेबाजी में खालीपन लाती है, बल्कि टीम के नेतृत्व और मानसिक आत्मविश्वास पर भी असर डालती है। उनके बिना टीम के लिए टॉप तीन बल्लेबाजों के लिए दबाव बढ़ जाता है, जिसे इंग्लैंड अपने तेज़ गेंदबाजों के जरिए निशाना बना सकता है।
मार्क वुड की वापसी इंग्लैंड के लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है?
मार्क वुड की तेज़ गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर के लिए एक बड़ी चुनौती है। उनकी वापसी से इंग्लैंड को पहले टेस्ट में शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने का मौका मिलेगा। पर्थ के तेज़ मैदान पर उनकी गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, खासकर अगर वे शुरुआत में ही विकेट गिरा दें।
बज़बॉल शैली ऑस्ट्रेलिया में काम कर पाएगी?
बज़बॉल शैली ऑस्ट्रेलिया के तेज़ और बरकरार मैदानों पर अभी तक बहुत सफल नहीं रही है। लेकिन इंग्लैंड ने इस बार अपनी टीम में तेज़ बल्लेबाजों के साथ स्पिनर भी शामिल किए हैं, जो बताता है कि वे अपनी रणनीति को मैच के हिसाब से बदलने को तैयार हैं। अगर वे पहले दिन तेज़ रन बना दें, तो ऑस्ट्रेलिया के लिए दबाव बन सकता है।
इंग्लैंड के तीन विकेटकीपर क्यों चुने गए हैं?
इंग्लैंड ने तीन विकेटकीपर — जॉर्डन कॉक्स, जेम्स रेव और थॉमस रेव — को चुना है क्योंकि वे अलग-अलग मैदानों और गेंदबाजी के अनुकूल विकेटकीपर चुनना चाहते हैं। कुछ मैदानों पर बल्लेबाजी के लिए तेज़ विकेटकीपर चाहिए, तो कुछ पर स्पिन के खिलाफ अनुभवी विकेटकीपर जरूरी होते हैं। यह एक स्मार्ट स्ट्रैटेजी है।
2023 की एशेज सीरीज के बाद इंग्लैंड के लिए क्या बदलाव हुआ है?
2023 के बाद इंग्लैंड ने अपनी टीम को युवा खिलाड़ियों के साथ नवीनीकृत किया है। टॉम हेन्स को कप्तान बनाया गया, और नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया। टीम अब बस बज़बॉल नहीं, बल्कि लचीली रणनीति पर भी भरोसा करती है। यह बदलाव उन्हें ऑस्ट्रेलिया में एक अलग अंदाज़ में खेलने की अनुमति देता है।
एशेज सीरीज के लिए कौन से मैदान शामिल हैं?
अभी तक चार मैदानों की पुष्टि हुई है: पर्थ स्टेडियम, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, सिडनी क्रिकेट ग्राउंड और ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड। पांचवां टेस्ट के लिए अभी तक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन एडिलेड ओवल या कैनबेरा क्रिकेट ग्राउंड की संभावना है।
टिप्पणि
JAYESH KOTADIYA
ये ऑस्ट्रेलिया वाले तो हमेशा से ऐसे ही हैं... पैट कमिंस नहीं है तो टीम ढह गई? 😂 अरे भाई, ये तो बस एक टेस्ट है, न कोई विश्व कप फाइनल। लेकिन हाँ, मार्क वुड वापस आ गया तो इंग्लैंड को थोड़ी उम्मीद है। 🤞🔥
नवंबर 23, 2025 at 16:43
Vikash Kumar
इंग्लैंड की टीम देखकर लग रहा है जैसे किसी ने बच्चों को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया है। टॉम हेन्स? कौन है ये? 😅
नवंबर 24, 2025 at 15:56
Siddharth Gupta
अरे यार, इतना ड्रामा क्यों? ऑस्ट्रेलिया के पास नया जोश है - ह्यू वेबगेन, डग वॉरेन... ये लोग अगले 10 साल इस टीम को चलाएंगे। और इंग्लैंड का बज़बॉल? अगर वो पर्थ में 500 रन बना दे, तो मैं अपना जूता खा लूँगा। 🤭
नवंबर 25, 2025 at 00:37
Anoop Singh
पर्थ का मैदान तो बहुत तेज है, लेकिन इंग्लैंड के लिए ये बहुत अच्छा मौका है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज अब तेज गेंदों के खिलाफ कमजोर हैं। और हाँ, विकेटकीपर तीन लगाना बिल्कुल सही है - क्योंकि हर मैदान अलग होता है।
नवंबर 25, 2025 at 16:15
Omkar Salunkhe
मार्क वुड वापसी? अरे भाई, उसका हैमस्ट्रिंग फिर से फट जाएगा ना? ये सब टीम बनाने का नाटक है। और टॉम हेन्स? ये तो अभी तक घर के बाहर नहीं गया होगा। 🤡
नवंबर 26, 2025 at 13:23
Ravish Sharma
इंग्लैंड की टीम में भारतीय नाम लगाकर भारत को नाम दे दिया? रेहान अहमद? ये कौन है? क्या हम भी इंग्लैंड की टीम में खेल रहे हैं? 😏 अब तो बस यही चाहिए कि इंग्लैंड जीते और हम भी जीत जाएं।
नवंबर 27, 2025 at 23:47
Rajendra Gomtiwal
पैट कमिंस के बिना ऑस्ट्रेलिया की टीम अधूरी है। ये टीम बनाने वाले तो बिल्कुल अनुभवहीन हैं। इंग्लैंड को जीतने का मौका मिल गया है।
नवंबर 28, 2025 at 02:19
Yogesh Popere
बज़बॉल शैली? ये तो टी20 की बात है, टेस्ट में नहीं चलेगी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये टीम टूट जाएगी। और विकेटकीपर तीन? बस बेकार का खर्चा।
नवंबर 28, 2025 at 11:36
Bharat Mewada
क्रिकेट सिर्फ जीत-हार नहीं है। ये सीरीज दो देशों के बीच एक सम्मान की बात है। चाहे जो भी जीते, ये टीमें दोनों ही इतिहास का हिस्सा हैं। बस खेलो, बस देखो।
नवंबर 29, 2025 at 17:45
Vidushi Wahal
मार्क वुड की वापसी देखकर दिल भर गया। उनकी गेंदबाजी तो दिल को छू जाती है। उम्मीद है वो टेस्ट में भी वैसे ही खेलेंगे।
नवंबर 30, 2025 at 09:55
Narinder K
अरे, ये जो बज़बॉल शैली है, वो तो ऑस्ट्रेलिया में 2005 में भी ट्राई की गई थी... और फेल हो गई थी। फिर से ये फिर से क्यों? 😏
दिसंबर 1, 2025 at 15:57
Narayana Murthy Dasara
सबको लगता है कि ये टेस्ट सीरीज जीत-हार की बात है, लेकिन असल में ये तो नए खिलाड़ियों का जन्म है। ह्यू वेबगेन, सोनी बेकर, रेहान अहमद - ये लोग अगली पीढ़ी के हीरो होंगे। बस उन्हें मौका दो, बाकी खेल खुद बन जाएगा।
दिसंबर 3, 2025 at 12:51
lakshmi shyam
इंग्लैंड की टीम देखकर लगता है जैसे किसी ने बच्चों को टेस्ट क्रिकेट में भेज दिया है। टॉम हेन्स? उसका नाम तो मैंने पहले कभी नहीं सुना! ये टीम तो पहले ही हार चुकी है।
दिसंबर 3, 2025 at 17:36
Sabir Malik
दोस्तों, मैं तो बस एक आम इंसान हूँ, लेकिन इस सीरीज को देखकर मेरा दिल धड़क रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये एक चुनौती है, और इंग्लैंड के लिए ये एक नई शुरुआत है। मैंने देखा है कि जब बड़े खिलाड़ी नहीं होते, तो छोटे खिलाड़ी अपनी ताकत दिखाते हैं। ये टीमें अभी बच्चे नहीं, ये तो अपने सपनों के लिए लड़ रहे हैं। मैं आज रात नहीं सोऊंगा, क्योंकि मैं जानता हूँ कि ये टेस्ट सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक जीवन बदलने वाला लम्हा है।
दिसंबर 3, 2025 at 18:39
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