दिल्ली वालों के लिए रजाई और गर्म कपड़ों का समय उम्मीद से बहुत पहले खत्म हो गया है। फरवरी 2026 के आखिरी दिनों में दिल्ली में तापमान में ऐसी बढ़ोतरी देखी गई जिसने सबको हैरान कर दिया। बुधवार को शहर ने 32.4 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया, जो न केवल इस साल का सबसे गर्म दिन था, बल्कि 2023 के बाद फरवरी में दर्ज किया गया सबसे अधिक तापमान भी है। यह बदलाव इतना अचानक था कि लोगों को समझ ही नहीं आया कि सर्दी गई और गर्मी ने दस्तक दे दी।
दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री ज्यादा है। दिलचस्प बात यह है कि फरवरी के महीने में यह तीसरी बार था जब पारा 30 डिग्री के पार गया। इससे पहले 16 फरवरी को तापमान 31.6 डिग्री तक पहुंच गया था। (सोचिए, अभी तो मार्च भी नहीं आया और हम गर्मियों की तैयारी करने लगे!)
75 साल का टूटा रिकॉर्ड: रातें भी हुईं गर्म
इस बार सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी काफी गर्म रहीं। गुरुवार की सुबह एक ऐसा आंकड़ा सामने आया जिसने इतिहास रच दिया। दिल्ली ने 19.5 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज किया, जो 1951 में रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से फरवरी महीने का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। यानी पिछले 75 सालों में फरवरी की इतनी गर्म रात कभी नहीं देखी गई।
स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए सर्दियों का पैटर्न प्रभावी रूप से समाप्त हो चुका है। इसका मुख्य कारण आसमान का बिल्कुल साफ होना और किसी भी बड़े मौसम तंत्र (Weather System) का सक्रिय न होना है। जब आसमान में बादल नहीं होते, तो सूरज की किरणें सीधे जमीन तक पहुंचती हैं और उसे तेजी से गर्म करती हैं।
तापमान में अचानक उछाल के पीछे की वजह
अगर हम गहराई से देखें, तो इस गर्मी के पीछे कुछ खास मौसम संबंधी कारण रहे हैं। सबसे बड़ी वजह रही बारिश की भारी कमी। फरवरी 2026 दिल्ली के सबसे सूखे महीनों में से एक रही। जहां सामान्य तौर पर फरवरी में 21.5 मिलीमीटर बारिश होती है, वहीं इस बार महज 0.5 मिलीमीटर बारिश हुई। आखिरी बार बारिश 18 फरवरी को हुई थी, उसके बाद से सूखा ही रहा।
इसके अलावा, उत्तर भारत के ऊपर कोई भी प्रभावी 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) नहीं था। हालांकि 26-27 फरवरी के बीच पहाड़ों पर एक कमजोर विक्षोभ देखा गया, लेकिन उसका असर मैदानी इलाकों, खासकर दिल्ली पर नहीं पड़ा। हवाओं का रुख भी ऐसा था कि निचले वायुमंडल से धूल, प्रदूषण और धुंध साफ हो गई, जिससे धूप और भी तीखी हो गई।
पूरे देश का हाल और विशेषज्ञों की राय
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर दिखा। केरल के कन्नूर शहर में तो सोमवार को पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जो पूरे देश में सबसे अधिक था। पश्चिमी भारत और कोंकण तट पर भी लू जैसी स्थिति बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून से पहले की अवधि (Pre-monsoon period) की एक बहुत ही शुरुआती शुरुआत है। आमतौर पर इस समय गर्म दिन और दोपहर में चलने वाली तेज हवाएं मानसून के आने का संकेत होती हैं। लेकिन इस बार यह प्रक्रिया समय से बहुत पहले शुरू हो गई है, जो जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा करती है।
आगे क्या होगा? होली तक रहेगा गर्मी का असर
आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान और भी चौंकाने वाला है। उम्मीद है कि दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा और वीकेंड तक यह 33 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि गर्मी का यह दौर होली दिल्ली के त्योहार तक और उसके बाद भी जारी रहेगा।
अगले 24 घंटों में आसमान साफ रहेगा, जिसके बाद आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, लेकिन दोपहर होते ही सूरज की तपिश फिर से बढ़ेगी। हवा की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है, जो पश्चिम दिशा से चलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
दिल्ली में इस बार फरवरी इतनी गर्म क्यों रही?
इसका मुख्य कारण बारिश की भारी कमी (मात्र 0.5 मिमी) और आसमान का पूरी तरह साफ रहना था। साथ ही, उत्तर भारत में किसी प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की कमी के कारण तापमान में गिरावट नहीं आई और सूरज की सीधी रोशनी ने जमीन को तेजी से गर्म किया।
तापमान के कौन से रिकॉर्ड टूटे हैं?
दिल्ली ने गुरुवार सुबह 19.5 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज किया, जो 1951 के बाद से फरवरी महीने का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। साथ ही, बुधवार को 32.4 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान 2023 के बाद इस महीने का सबसे अधिक रहा।
क्या यह गर्मी होली के त्योहार तक रहेगी?
हाँ, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सूखा और गर्म मौसम होली के त्योहार तक और उसके बाद भी जारी रहने की संभावना है। दिन का तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
क्या इस मौसम का असर अन्य राज्यों पर भी पड़ा?
बिल्कुल, दक्षिण भारत में केरल के कन्नूर में तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा पश्चिमी भारत और कोंकण तट पर भी लू जैसी स्थिति देखी गई, जहाँ तापमान सामान्य से 3% अधिक रहा।
टिप्पणि
Pranav Gopal
समय से पहले गर्मी का आना अब एक सामान्य बात होती जा रही है। हमें अपनी जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है।
मई 1, 2026 at 21:27
कमल कमल
सब लोग क्लाइमेट चेंज का रोना रो रहे हैं पर असल में ये सब कुदरत का चक्र है जिसे तुम लोग समझ ही नहीं सकते 🙄। और रही बात रिकॉर्ड की, तो भारत के मौसम विभाग से बेहतर कोई नहीं जानता कि यहाँ क्या हो रहा है, इसलिए फालतू की चिंता छोड़ो और बस स्वीकार करो कि दिल्ली की गर्मी का अपना ही मजा है, हालांकि कुछ लोग इसे झेल नहीं पाते क्योंकि वो कमजोर हैं! 🇮🇳
मई 3, 2026 at 04:50
harsh gupta
75 साल का रिकॉर्ड टूटना महज एक इत्तेफाक नहीं है। क्या आपको वाकई लगता है कि ये सिर्फ 'साफ आसमान' की वजह से है? ऊपर बैठकर कोई और खेल चल रहा है, जिसे तुम लोग साधारण मौसम कह रहे हो। बहुत ही बचकाना है ये सब विश्वास करना।
मई 3, 2026 at 07:06
Mukesh Katira
यह प्रकृति का एक संकेत है कि हम मनुष्य अपनी सीमाओं को लांघ चुके हैं। जब हम प्रकृति का सम्मान नहीं करते, तो वह इसी तरह के असामान्य रूप में अपना क्रोध प्रकट करती है। हमें आत्मचिंतन करना चाहिए।
मई 3, 2026 at 12:38
Roop Kaur
यह पूरा मामला कार्बन उत्सर्जन और जियो-इंजीनियरिंग के गुप्त प्रयोगों का नतीजा लग रहा है। हम एक ऐसे सिमुलेशन में जी रहे हैं जहाँ वेदर पैटर्न को कंट्रोल किया जा रहा है ताकि मानव मनोविज्ञान पर असर देखा जा सके। यह सब एक बहुत बड़ी साजिश है जिसे मेनस्ट्रीम मीडिया कभी नहीं दिखाएगा।
मई 3, 2026 at 13:48
Ankita Bajaj
अरे यार, अब बस AC ऑन करो और चिल मारो! गर्मी आएगी तो आएगी ही, बस हमें अपनी एनर्जी पॉजिटिव रखनी है। चलो सब मिलकर इस गर्मी को भी एन्जॉय करते हैं!
मई 5, 2026 at 08:02
Manish gupta
वाह! क्या गजब का डेटा है। मतलब अब हमें फरवरी में ही पसीना बहाना शुरू कर देना चाहिए। कितनी शानदार प्लानिंग है प्रकृति की, है ना? बिलकुल टॉप क्लास लेवल की बेइज्जती है दिल्ली वालों की।
मई 6, 2026 at 15:39
Sanjay Kumar
परिवर्तन ही संसार का नियम है। अगर सर्दी जल्दी चली गई, तो इसका मतलब है कि हमें नई परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालना होगा। धैर्य रखें, सब ठीक हो जाएगा।
मई 7, 2026 at 00:15
Gaurav Jangid
हे भगवान!!!! इतनी गर्मी!!!! 🥵 मेरी तो रजाई अभी तक अलमारी में भी नहीं गई थी!!! ये क्या हो रहा है दुनिया में!!!! बिल्कुल पागलपन है ये!!!! 😱😭
मई 7, 2026 at 10:21
Ghanshyam Gohel
यह वाकई चिंताजनक स्थिति है!!! तापमान में इतनी तीव्र वृद्धि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है!!! हमें पानी का संचय करना शुरू कर देना चाहिए!!!
मई 9, 2026 at 03:51
Nathan Lemon
जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के मिजाज में जो यह अस्थिरता आई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हमारे पर्यावरण के प्रति हमारी उदासीनता का परिणाम है।
मई 10, 2026 at 06:50
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