MP बोर्ड रिजल्ट 2026: 10वीं में 73.42% और 12वीं में 76.01% पास हुए छात्र

16अप्रैल
MP बोर्ड रिजल्ट 2026: 10वीं में 73.42% और 12वीं में 76.01% पास हुए छात्र

इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं! मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 15 अप्रैल, 2026 को सुबह 11:00 बजे कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने आधिकारिक तौर पर इन नतीजों का ऐलान किया, जिससे प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की धड़कनें तेज हो गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन एमपी बोर्ड के नतीजे आए, उसी दिन सीबीएसई (CBSE) ने भी अपनी 10वीं की मार्कशीट जारी कर दी। अब छात्र अपनी मेहनत का फल mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर देख सकते हैं।

10वीं कक्षा के नतीजे: लड़कियों ने फिर मारी बाजी

अगर 10वीं के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कुल पास प्रतिशत 73.42% रहा। लेकिन असली कहानी यहां जेंडर गैप की है। लड़कियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे पढ़ाई में अव्वल हैं। छात्राओं का पास प्रतिशत 77.52% रहा, जबकि लड़कों के लिए यह आंकड़ा महज 69.31% था।

नतीजों की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि कुल 7,92,789 पंजीकृत नियमित छात्रों में से 7,87,733 परीक्षा में बैठे, जिनमें से 5,78,328 छात्र पास हुए। वहीं, प्राइवेट छात्रों की बात करें तो 1,17,734 पंजीकृत छात्रों में से केवल 1,09,328 ही परीक्षा दे पाए और उनमें से सिर्फ 28,829 छात्र ही सफल रहे।

मेरिट लिस्ट की बात करें तो कुल 378 छात्रों ने अपनी जगह बनाई, जिनमें 235 लड़कियां और 143 लड़के शामिल हैं। हालांकि, यह खबर थोड़ी मायूस करने वाली है कि 2,89,693 छात्र इस परीक्षा में फेल हो गए हैं। साथ ही, परीक्षा के दौरान 47 मामले नकल (malpractice) के पकड़े गए, जिसके चलते 40 नियमित और 72 प्राइवेट छात्रों के परिणाम रद्द कर दिए गए।

पन्ना की प्रभाती ने रचा इतिहास

पूरे प्रदेश में प्रभाती सिंह सोलंकी ने अपना परचम लहराया है। पन्ना जिले की रहने वाली प्रभाती ने 500 में से 499 अंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। जिला स्तर पर देखें तो झाबुआ पहले और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन (76.8%) प्राइवेट स्कूलों (68.64%) से काफी बेहतर रहा।

12वीं कक्षा: स्ट्रीम वाइज परफॉर्मेंस और टॉपर्स

12वीं कक्षा के परिणाम 10वीं के मुकाबले थोड़े बेहतर रहे, जहां कुल पास प्रतिशत 76.01% दर्ज किया गया। छात्राओं ने यहां भी अपनी बादशाहत कायम रखी और उनका पास प्रतिशत 79.41% रहा। 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से 7 मार्च, 2026 के बीच आयोजित की गई थीं।

इस साल 12वीं की टॉपर खुशी राय बनी हैं। लेकिन अगर हम अलग-अलग स्ट्रीम की बात करें, तो लड़कियों का दबदबा हर जगह दिखा:

  • मानविकी (Humanities): लड़कियां लड़कों से लगभग 8% आगे रहीं।
  • विज्ञान (Science): छात्राओं ने लड़कों के मुकाबले करीब 6% अधिक सफलता हासिल की।
  • कॉमर्स (Commerce): यहां सबसे बड़ा अंतर देखा गया, जहां लड़कियां लड़कों से 9% आगे रहीं।
  • कृषि और ललित कला: इन विषयों में भी लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा।

हैरानी की बात यह है कि पिछले 12 सालों के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो लड़कियों का लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करना एक निरंतर ट्रेंड बन चुका है। 12वीं के अन्य टॉपर्स में रंभुवन विश्वकर्मा (494 अंक - 98.8%), विनोद प्रजापति (493 अंक - 98.6%) और लालाराम कुशवाहा (493 अंक - 98.6%) शामिल हैं।

रिजल्ट कैसे चेक करें और आगे की राह

छात्रों के लिए रिजल्ट देखना अब काफी आसान है। वे सीधे MP Board की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जा सकते हैं। होमपेज पर दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपना रोल नंबर दर्ज करते ही मार्कशीट सामने आ जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया की पहल के तहत DigiLocker के माध्यम से भी डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड किए जा सकते हैं।

राहत की बात यह है कि इस साल किसी भी छात्र को 'सप्लीमेंट्री' घोषित नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि या तो छात्र पास हैं या फिर उन्हें पूरी तरह फेल माना गया है।

विशेषज्ञों की राय: क्या बदल रहा है शिक्षा का स्तर?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों के बेहतर परिणामों ने यह संकेत दिया है कि बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है। लड़कियों की लगातार सफलता यह दर्शाती है कि समाज में शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण बदल रहा है और बेटियां अब शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व कर रही हैं। हालांकि, 10वीं में लगभग 2.9 लाख छात्रों का फेल होना एक चिंता का विषय है, जो शायद परीक्षा के कठिन स्तर या तैयारी में कमी को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

MP बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट आधिकारिक तौर पर कब जारी किए गए?

MP बोर्ड के परिणाम 15 अप्रैल, 2026 को सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन द्वारा जारी किए गए। छात्र इसे आधिकारिक पोर्टल mpresults.nic.in पर देख सकते हैं।

इस साल 10वीं और 12वीं में पास प्रतिशत क्या रहा?

कक्षा 10वीं का समग्र पास प्रतिशत 73.42% रहा, जबकि कक्षा 12वीं में यह आंकड़ा थोड़ा बेहतर 76.01% दर्ज किया गया।

क्या लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया?

हाँ, 10वीं में लड़कियों का पास प्रतिशत 77.52% जबकि लड़कों का 69.31% रहा। 12वीं में भी लड़कियां सभी स्ट्रीम्स (विज्ञान, कॉमर्स, आर्ट्स) में लड़कों से 6% से 9% आगे रहीं।

रिजल्ट देखने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

अपना रिजल्ट देखने के लिए आपको केवल अपने रोल नंबर की आवश्यकता होगी। आप वेबसाइट पर रोल नंबर डालकर या डिजीलॉकर (DigiLocker) के जरिए अपना रिजल्ट एक्सेस कर सकते हैं।

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्रदर्शन में क्या अंतर था?

इस साल सरकारी स्कूलों ने आश्चर्यजनक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया, जहाँ पास प्रतिशत 76.8% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों में यह केवल 68.64% था।