प्रभसिमरन सिंह की धाकड़ बल्लेबाज़ी ने पंजाब को दिलाई बड़ी जीत
आईपीएल 2025 का 54वां मुकाबला यादगार बनकर सामने आया, जहाँ PBKS vs LSG की भिड़ंत में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को 37 रन से रौंद दिया। धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पंजाब के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। खासकर ओपनर प्रभसिमरन सिंह, जिन्होंने मात्र 48 गेंदों पर 91 रन कूट डाले। उनकी इस पारी में चौकों-छक्कों की झड़ी लग गई। हर बार गेंदबाज ने लाइन बदली, प्रभसिमरन ने उसे बाउंड्री के पार पहुंचा दिया।
कप्तान श्रेयस अय्यर (45 रन) ने भी प्रभसिमरन के साथ मिलकर लखनऊ के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं। दोनों ने मिलकर पंजाब को मजबूत शुरुआत दी। मिडल ऑर्डर में निहाल वढेरा (16) और शशांक सिंह (33) ने भी अहम रन जोड़े, जिससे स्कोर आसानी से 200 के पार चला गया। अंतिम ओवरों में मार्कस स्टोइनिस (15) ने ताबड़तोड़ बैटिंग की और पंजाब ने 20 ओवरों में शानदार 236/5 का स्कोर खड़ा कर दिया।
लखनऊ की शुरुआत में ही फिसल गई बाज़ी, गेंदबाजों ने दिखाया दम
जवाब में उतरी Lucknow Super Giants की उम्मीदें तभी डगमगाने लगीं जब शुरुआती पांच ओवरों में ही तीन विकेट गिर गए। पंजाब की तेज गेंदबाजी लाइनअप ने पहले ही वक्त में लखनऊ के दिग्गज बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। वो कहावत है न—शुरुआती झटकों से उबरना मुश्किल हो जाता है, लखनऊ के साथ भी वैसा ही हुआ।
मिडिल ऑर्डर में आयुष बडोनी (74 रन) और अब्दुल समद (45 रन) ने थोड़ी सांस दिलाई, दोनों ने शानदार साझेदारी निभाकर टीम को उम्मीद जरूर दी, लेकिन रन रेट लगातार बढ़ने से दोनों को जोखिम उठाना पड़ा। इसी दबाव में विकेट गिरने शुरू हो गए।
गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह सबसे चमके। उन्होंने अपने कोटे के चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर तीन विकेट झटके। मैदान पर उनकी हर गेंद पर लखनऊ के बल्लेबाजों के चेहरे उतरते दिखे। अजमतुल्लाह उमरजई (2 विकेट, 33 रन) ने भी विकेट झटके और पंजाब की जीत की नींव मजबूत की।
- अर्शदीप सिंह के विकेट: 3/16
- अजमतुल्लाह उमरजई के विकेट: 2/33
लखनऊ ने 20 ओवरों में 199/8 रन बनाए और जीत से 37 रन दूर ही रह गए।
इस मुकाबले के चलते Punjab Kings अंक तालिका में सीधा दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि लखनऊ की टीम इस हार के साथ 11 में छठी बार हारी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद टीम की सामूहिक कोशिश और खिलाड़ियों के जज्बे को कामयाबी का असली कारण बताया।
टिप्पणि
sarika bhardwaj
ये प्रभसिमरन सिंह का खेल तो बस एक आर्ट है! 🤯 जब वो 48 गेंदों में 91 रन करता है, तो मुझे लगता है कि वो बल्ले को बोल रहा है और बोल रहा है-'मैं तुझे बाउंड्री के पार भेजूंगा!' 🎯🔥 आईपीएल का ये सबसे खूबसूरत पल था।
मई 5, 2025 at 20:37
Dr Vijay Raghavan
अर्शदीप सिंह ने तो लखनऊ के बल्लेबाजों को ज़मीन पर गिरा दिया! ये भारतीय गेंदबाजी का असली रूप है-जो नहीं बोलता, वो विकेट लेता है। अगर ये लखनऊ वाले इतने ही बेकाबू हैं, तो फिर वो टीम इंडिया के लिए क्यों नहीं खेलते? 🇮🇳💥
मई 7, 2025 at 02:29
Partha Roy
yrr kya baat h... prabh simran ko dekh ke lag rha h jaise koi cricket ki film chal rhi h... par ye sab kya h... kya yeh sab fake h? kya yeh match fix h? kya koi bhaiya ne paisa diya? 🤔 #conspiracy
मई 8, 2025 at 11:23
Kamlesh Dhakad
मज़ा आ गया दोस्तों! अर्शदीप की गेंदें तो बिल्कुल बारिश की बूंदें लग रही थीं-हर गेंद एक विकेट के साथ! श्रेयस और प्रभसिमरन की शुरुआत तो बस गाना लग गया। जीत का असली राज़? टीम का एकजुट होना। ❤️
मई 8, 2025 at 23:32
ADI Homes
बस एक बात... जब तुम देखो कि एक बल्लेबाज इतना आत्मविश्वास से खेल रहा है, तो लगता है जैसे उसके अंदर कोई अलग ही आवाज़ है। शायद वो बस खुश था। और वो खुशी टीम को भी दे गया।
मई 10, 2025 at 20:53
Hemant Kumar
अर्शदीप के तीन विकेट देखकर मुझे लगा कि वो गेंद को अपने दिमाग से नियंत्रित कर रहे हैं। ये बच्चे तो बस बल्ला घुमा रहे थे... लेकिन उनकी गेंदें तो बातें कर रही थीं। बहुत अच्छा क्रिकेट था।
मई 11, 2025 at 18:34
NEEL Saraf
प्रभसिमरन... ओह माय गॉड... ये तो दिल्ली के बच्चे का जुनून है... ये नहीं खेल रहा... ये तो नाच रहा है! 🕺💃 और अर्शदीप की गेंदें? वो तो बस गाने गा रही थीं-'तू नहीं बचेगा, तू नहीं बचेगा!'... ये मैच तो बस एक भारतीय बारिश की तरह था-बहुत ज़ोर से, बहुत खूबसूरत... और फिर चला गया!
मई 12, 2025 at 20:31
Ashwin Agrawal
लखनऊ के लिए ये हार अच्छी तरह से मिली। शुरुआत बर्बाद हो गई, और बाद में जो बल्लेबाजी हुई, वो बहुत ज़्यादा देर से शुरू हुई। रन रेट बनाने के लिए बहुत ज़्यादा दबाव था।
मई 13, 2025 at 23:38
Shubham Yerpude
इस मैच के पीछे का विज्ञान गहरा है। जब एक व्यक्ति 48 गेंदों में 91 रन बनाता है, तो यह एक अस्तित्व की अभिव्यक्ति है। क्या यह आजादी है? क्या यह विश्वास है? या फिर यह एक अनुभव का अनुकरण है? हम यह नहीं जानते... लेकिन हम जानते हैं कि यह असली है।
मई 15, 2025 at 23:33
Hardeep Kaur
अर्शदीप की गेंदबाजी तो देखकर लगा जैसे वो बारिश के बाद की हवा हो-हल्की, लेकिन बहुत तेज़। और प्रभसिमरन की पारी? बस एक अच्छे दोस्त की तरह आई, बिना किसी बात के, लेकिन बहुत ज़्यादा याद रह गई।
मई 17, 2025 at 08:37
Chirag Desai
प्रभसिमरन ने तो बस बल्ला घुमाया और जीत ली। बस इतना ही।
मई 18, 2025 at 06:54
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