प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्वाड नेताओं के सम्मेलन में भाग लेना है, जो 21 सितंबर, 2024 को विलमिंगटन में हुआ। इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें डिजिटल कनेक्टिविटी, सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया गया।
क्वाड सम्मेलन का महत्व
क्वाड सम्मेलन का आयोजन करने का उद्देश्य चार देशों अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना था। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और जापान के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए। सभी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्वाड को एक मजबूत और स्थायी संगठन बनाना आवश्यक है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा दे सके।
डिजिटल कनेक्टिविटी और समुद्र के नीचे केबल्स
सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण बिन्दु क्वाड साझेदारी के अंतर्गत केबल कनेक्टिविटी और समुद्री केबल्स पर चर्चा थी। इस साझेदारी का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से इन देशों के बीच आर्थिक सहयोग में वृद्धि होगी और लोगों के जीवन में सुधार आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्र के नीचे केबल्स के महत्व पर जोर दिया, जो विभिन्न देशों के बीच डेटा ट्रांसमिशन को सुगम बनाते हैं। इन केबल्स के माध्यम से इंटरनेट की गति में सुधार होगा और व्यापारिक गतिविधियों में गति आएगी।
वैश्विक भलाई का बल - क्वाड
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान क्वाड को 'वैश्विक भलाई का बल' कहा और इसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह संगठन न केवल सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक मुद्दों को सुलझाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मोदी ने यह भी कहा कि क्वाड 'यहां रहने के लिए आया है' और यह संगठन एक स्वच्छ और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है।
न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय से मुलाकात
क्वाड नेताओं के सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क पहुंचे। उन्होंने भारतीय समुदाय से मिलने की इच्छा जताई और उनके साथ अपनी योजनाओं और विचारों को साझा किया। मोदी का मानना है कि जो भारतीय विदेशों में रहते हैं, वे भारत की सॉफ्ट पावर को प्रदर्शित करते हैं और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
सम्मेलन में हुई अन्य चर्चा
क्वाड सम्मेलन के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल थे। सभी नेताओं ने समंवय करने के लिए सहमति दी और एक दूसरे के साथ सहयोग का वादा किया।
आतंकवाद पर चर्चा
सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर भी जोर दिया गया। सभी नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ समन्वित प्रयास करना आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत वैश्विक रणनीति बनानी होगी।
मोदी ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सभी देशों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन भी सम्मेलन के मुख्य विषयों में से एक था। नेताओं ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया और इसके समाधान के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। उन्होंने यह माना कि जलवायु परिवर्तन का असर सभी देशों पर हो रहा है और इससे निपटने के लिए सभी देशों को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे।
वैश्विक स्वास्थ्य
वैश्विक स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी गहन चर्चा हुई। कोविड-19 महामारी के अनुभवों से सभी नेता सहमत हुए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उन्हें मजबूत करना अनिवार्य है। इसके लिए देशों के बीच सहयोग और संसाधनों का सही उपयोग आवश्यक है।
आगे की योजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी यात्रा के दौरान भविष्य की योजनाओं और भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने अन्य देशों के नेताओं के साथ बातचीत की और उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर जोर दिया।
उन्होंने नई तकनीकियों का उपयोग कर दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने और निवेश के अवसरों को विस्तारित करने की योजनाओं पर भी बात की। पीएम मोदी का कहना है कि यह यात्रा केवल क्वाड सम्मेलन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसके बाद भी कई महत्वपूर्ण बैठकें और चर्चाएं होंगी, जिनसे भारत को लाभ होगा।
टिप्पणि
Saravanan Thirumoorthy
ये सब बातें तो बस धुंधली बातें हैं भाई असली बात ये है कि हमारे देश की सुरक्षा और सार्वभौमिकता को कौन संरक्षित कर रहा है वो है हमारे प्रधानमंत्री जी। क्वाड सिर्फ एक बैठक नहीं है ये हमारे भविष्य की नींव है।
अमेरिका के साथ जो भी हो रहा है वो हमारे लिए फायदेमंद है।
सितंबर 23, 2024 at 08:26
NEEL Saraf
मुझे बहुत अच्छा लगा कि प्रधानमंत्री जी ने समुद्र के नीचे केबल्स के बारे में बात की... ये तो बहुत कम लोग समझते हैं कि इंटरनेट का असली दिल कहाँ है... और फिर न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय से मिलना... वाह बहुत भावुक कर दिया... ❤️
सितंबर 25, 2024 at 07:45
Ashwin Agrawal
क्वाड का असली मतलब ये नहीं कि चीन के खिलाफ है... बल्कि ये है कि हम अपने नियम बनाएं और उनका पालन करें। इंडो-पैसिफिक में शांति के लिए ये एक जरूरी बात है।
सितंबर 26, 2024 at 12:57
Shubham Yerpude
क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब क्वाड बैठकें किसके लिए हैं? क्या ये अमेरिकी व्यापारियों के लिए हैं? क्या ये निजी सैन्य कंपनियों के लिए हैं? क्या ये सब एक विशाल जाल है जिसके अंदर हम फंस गए हैं? क्या हम असल में आजाद हैं या बस एक बड़े खेल के खिलाड़ी हैं? सोचिए...
सितंबर 28, 2024 at 02:28
Hardeep Kaur
मैंने ये देखा कि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए नए केबल्स बनाने की योजना है... ये बहुत बड़ी बात है। गांवों में भी अच्छा इंटरनेट आएगा। अगर ये सही तरीके से हो गया तो ये जीवन बदल देगा।
सितंबर 29, 2024 at 02:36
Chirag Desai
बहुत अच्छा हुआ। अब देखते हैं कि इन बातों को कैसे एक्शन में बदला जाता है।
सितंबर 30, 2024 at 13:17
Abhi Patil
आप सब इतने उत्साहित हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए निवेश का 78% अमेरिकी फंड्स से आ रहा है? और ये तकनीकी अधिकारियों के नियंत्रण में है। हम अपनी डिजिटल सार्वभौमिकता को बेच रहे हैं। ये एक नए तरह का उपनिवेशवाद है।
अक्तूबर 2, 2024 at 12:30
Devi Rahmawati
मुझे लगता है कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा करना बहुत जरूरी है। क्वाड के अंतर्गत ये विषयों पर सहयोग बढ़ेगा तो ये दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
अक्तूबर 4, 2024 at 02:00
Prerna Darda
क्वाड को वैश्विक भलाई का बल कहना बहुत बड़ी गलती है। ये एक सैन्य-आर्थिक गठबंधन है जो एक अन्य विश्व व्यवस्था की नींव रख रहा है। ये न्यू ऑर्डर नहीं बल्कि न्यू इम्पीरियलिज़्म है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को अलग रखना चाहिए।
अक्तूबर 5, 2024 at 13:40
rohit majji
भाई ये तो बहुत बढ़िया हुआ... मेरा भाई अमेरिका में है और उसने बताया कि वहां भारतीय लोग बहुत गर्व से बात कर रहे हैं... अब देखो जब भारत का नाम दुनिया में बढ़ेगा तो हम सबका भी गर्व बढ़ेगा 😊
अक्तूबर 5, 2024 at 20:19
Uday Teki
मुझे लगता है कि ये सब बहुत अच्छा है... अब बस इंतजार है कि ये बातें हमारे दिनचर्या में कैसे उतरती हैं... ❤️🙏
अक्तूबर 5, 2024 at 23:04
Haizam Shah
क्या आप लोगों ने सोचा है कि अगर हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते रखते तो ये सब बहुत आसान हो जाता? क्या हमें हर चीज़ के लिए अमेरिका की आवश्यकता है? हम अपने आप को एक दुश्मन के खिलाफ बना रहे हैं जो हमारा दुश्मन नहीं है।
अक्तूबर 7, 2024 at 06:47
Vipin Nair
समुद्री केबल्स असली इंफ्रास्ट्रक्चर हैं जो डिजिटल दुनिया को जोड़ती हैं। भारत को इनके निर्माण और रखरखाव में अधिक भूमिका लेनी चाहिए। अमेरिका के साथ साझेदारी अच्छी है लेकिन हमें अपनी तकनीक विकसित करनी होगी।
अक्तूबर 7, 2024 at 21:18
Ira Burjak
हम सब इतने खुश हैं कि बाइडेन और मोदी ने मुलाकात की... लेकिन क्या कोई जानता है कि उनकी बैठक के बाद कितने अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का अवसर मिला? क्या ये सब असली लाभ हमारे लोगों को मिल रहा है? 😏
अक्तूबर 8, 2024 at 20:49
Shardul Tiurwadkar
मैं तो सोचता हूँ कि अगर हम अपने घरों में बिजली और पानी की सुविधा दे पाए तो फिर क्वाड की जरूरत क्या? ये सब बातें तो बस टीवी पर दिखाई जाती हैं... गांवों में अभी भी बिजली नहीं है।
अक्तूबर 9, 2024 at 10:36
Abhijit Padhye
क्वाड के बारे में बहुत सारी गलत जानकारी फैलाई जा रही है। ये कोई एलायंस नहीं है ये एक डायलॉग फोरम है। चीन के खिलाफ नहीं... बल्कि सहयोग के लिए। आप जो कह रहे हैं वो बस गलत धारणाएं हैं।
अक्तूबर 9, 2024 at 11:01
UMESH ANAND
प्रधानमंत्री जी की यह यात्रा अत्यंत उचित है। भारत के वैश्विक स्थिति को बढ़ावा देने के लिए इसका बहुत बड़ा महत्व है। यह एक ऐसा कदम है जो भारत के अतीत के दुर्भाग्य को भूलकर भविष्य की ओर बढ़ने का प्रतीक है।
अक्तूबर 10, 2024 at 07:26
Rohan singh
हमारे यहां भी अगर इंटरनेट अच्छा हो जाए तो बच्चे ऑनलाइन पढ़ पाएंगे... ये सब बातें तो अच्छी हैं लेकिन अब जमीनी स्तर पर देखना होगा।
अक्तूबर 11, 2024 at 12:07
Karan Chadda
क्वाड? अमेरिका के लिए भारत एक बड़ा बाजार है और ये सब बातें बस उसके लिए एक झूठी धुंध है। जब तक हमारे घरों में बिजली नहीं आएगी तब तक ये सब बकवास है। 🤷♀️
अक्तूबर 11, 2024 at 13:42
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